Dhokebaaz Shayari | Bewafa Status in Hindi Quotes NEW Statuswithimages.com

Bewafa status in Hindi लाये है आप के लिया. ओर  quotes. आप अपने Status पर डाके ओर बेवफा हो जायेगा। bewafa होने पर टेंशन नाले दुनिया में काफी work है आप को. हमारे कलेक्शन मै है Dhokebaaz Shayari, bewafa quotes in hindi, bewafai status, heart broken, dukhi status, Hindi Bewafai Shayari. हमारा collection देखिएगा।.

Bewafa Status in Hindi
Bewafa Status in Hindi 


Ishq Ki Naukri Raas Nahi Mujh
Ko Aye Bewafa Mera Hisab Kar Do..!


Aaj Koi Shayari Nhi
Bas Itna Sun Lo,
Main Tanha hun
Aur Wajah Tum Ho.


Pyar karna ab gunah sa lagta hai
wo apna ho ke bhi paraya sa lagta hai.


Agle Barson Ki Tarah Honge Qarine Tere
Kise Malum Nahi Barah Maheene Tere.


Pata Nhi
Or Kis Kis Ka
Ho Gya Wo Shakhs,
jo Kabhi Mera Hone
Ka Dawa Karta Tha….!!


Mujhe Tujse Koi Tamanna Nahi...
Zindagi Mai To Is Aas Par Jeeta Hu
Ki Marna Kab Hai..


Bewafaon Ki Iss Duniya mein SanbhalKar Chalna,
Yehan Mohabbat Se Bhi Barbaad Kar Dete Hain Log.


Mujse Bichadne Ka Gam
Nahi Hai Tume... Sanam...
To Fir Khamosh Raato Me
Tum Aksar Jaagte Kyu Ho..?


Teri Mohobbat Bhi Kiraye
Ke Ghar Ki Tarah Nikli,
Laakh Sawarne Ki Koshish
Ki Par Kabhi Meri Na Hui..


Beshaq mujhe barbaad
karke bikherne de use
Ae dost yakeen hai
ek roz rote hue
aakar wohi simatega mujhe


Baha k Aansoo mere
woh kehte hain Dear.....
..
Tumhari Aankhon mein pani
kitna Haseen lagta hai...!!!



Keh Do Zaraa Jakar Us Bewafa Se
Koi Ummid Humse Na Rakhnaa
Hum Samandar Ke Hain Shahzade
Jalparii Se Mohabbat Karenge....!!!!!

Dhokebaaz Shayari
Zindagi Jeene Ke Khabil Na Hoti
Agar Rabne Mohabbat Banayee Na Hoti
Dunya Mein Koi Marne Ki Tamanna Hina Karta
Agar Mohabbat Mein Bewafai Na Hoti.


Kabhi Gham Toh Kabhi Tanhai Maar Gayi,
Kabhi Yaad Aakar Unki Judai Maar Gayi,
Bahut Toot Kar Chaha Jisko Humne,
Aakhir Mein Uski Bewafai Maar Gayi.


kisi ko mohabbat ki achhai ne mar dala,
kisi ko mohabbat ki gahrai ne mar dala.
bach na sake iss mohabbat se koi,
jo bach gaye use bewafai ne mar dala!


Seh Liya Har Dard Humne Haste Haste
Ujd Gaya Ghar Mera Yaaro Baste Baste
Ab Wafa Kare To Kis Se Kare Yaaro
Wafa Karne Gaye To Bewafa
Hi Mile Raste Raste…


Ankhon K Jazeeron Pe Uterne Nhai Deta
Who Shaksh Koi Kaam Bhi Kerne Nahi Deta
Chalta Ha Simat Ker Who Bohut Teez Hawa Main
Anchal Ka Koi Rang Bikherne Nahi Deta.


Wo Din Bhi Suhana Tha Wo Sham Bhi Suhani Thee
Gore Gore Rung Per Madhosh Wo Jawani Thee
Fir Hamko Pata Lega Ki Wo Hai Ak Bewafa
Sochkar Rone Lege Ye Meri Ak Nadani thee.


Aap Kyu Sarminda Hote Ho Apni Bewafai Par,
Hamein Maalum Tha Ki Gam Ko Hamara Hona Tha,
Bas Aap Muskarate Rahein Yeh Dua Hai ,
Hamari Kismat Mein To Likha Hi Tujhe Khona Tha.


Tu Banaata Hi Nahin Gar Tujhko Yeh Hota Yakeen,
Ke Zindagi Ho Jayegi Itni Sasti Ek Din,
Begunaah Bandon Pe Tere Zulm Agar Hote Rahe,
Aye Khudaa Mit Jayegi Teri Hasti Ek Din


Teri bewafai ka kissa jab jab yaad aayega,
Mere tan badan mein ek aag si bharkayega,
Jo tune kiya koi dushman bhi nahi aisa karta,
Dekh lena ek din tu bhi bohat pachtaayega.


उदास दिल है मगर मिलता हूँ हर एक से हंस कर,,,,,
●●
यही एक फन सीखा है बहुत कुछ खो देने के बाद,
बिकती है ना ख़ुशी कहीं और ना कहीं गम बिकता है,
लोग गलतफहमी में हैं, कि शायद कहीं मरहम बिकता है..
हमने सिर्फ अपने आंसूऒ की वजह लिखी
है...पता नहीं लोग क्यों कहते है.. वाह क्या
शायरी लिखी है.|


बदल गया सारा जमाना पर तुम ना बदले...
कल भी दर्द देते थे और आज भी दर्द देते हो..।।
मुहब्बत से भरी कोई गजल पसंद ही नहीं उन्हें,
बेवफाई के हर शेर पर मगर दाद दिया करते हैं।

कितने आसान लफ्जों में कह गये वो मुझसे.
.
.
सिर्फ दिल ही तोड़ा है, कौन सी जान ले ली तेरी..


Hum bhi hamesha qatl hue and tum ne bhi dekha
dur se lekin
ye na samajhe hamako hua hai jan ka nukasan
tumase ziyada
zanjir-o-divar hi dekhi tumane to “majrooh” magar
hum
kucha-kucha dekh rahe hain aalanm-e-zindan
tumase ziyada


बस इतनी ही थी उसकी ओर मेरी बेवफाई की कहानी
ना तो वो मेरा गुनाह साबित कर पाए और.
नाही हम अपनी गवाही दे पाये।


Thokar Na Maar Mujhe Patthar Nahi Hoon Main,
Hairat Se Na Dekh Koi Manzar Nahi Hoon Main,
Teri Nazar Main Meri Qadar Kuchh Bhi Nahi,
Meri Qadar Unse Puchh Jinhe Haasil Nahi Hoon Main.


कहते है,
प्यार की शुरुआत आँखो से होती है,
यकीन मानो दोस्तो ,
प्यार की कीमत भी आँखो से ही चुकानी पड़ती है |


कोई अच्छी सी सज़ा दो मुझको,
चलो ऐसा करो भूला दो मुझको,
तुमसे बिछडु तो मौत आ जाये,
दिल की गहराई से ऐसी दुआ दो मुझको!


आंसुओं की किम्मत क्या है
हम बखुबी समझते है ।
वो कोई और होंगे ए सनम
जो ओस को शबनम समझते है ॥


तुम्हारी याद के जब ज़ख़्म भरने लगते हैं;
किसी बहाने तुम्हें याद करने लगते हैं....


तू तो हँस हँसकर जी रही है,
जुदा होकर भी..
कैसे जी पाया होगा वो,
जिसने तेरे सिवा जिन्दगी कभी सोची ही नहीं.


मुझसे ‘नफरत’ तभी करनाजब आप मेरे बारे मे ‘सबकुछ’ जानते होतब नहीं जब किसी से ‘कुछ’ सुना हो ।

Bewafa Sad Status
सजा तुमने क्या काटी ..सजा तो हमने काटी थी ..जकङे रहे प्यार की बेंङियों जब तक तुम्हें प्यार का एहसास ना हो जाए ।


इतनी वफादारी न कर किसी से., यूँ मदहोश हो कर...,ये दुनिया वाले एक ख़ता के बदले.....सारी वफ़ाएँ भुला देते हैं ।


वो आज करती है नज़र अंदाज़ तो बुरा न मान,टूट कर चाहने वालों को रुलाना रिवाज है इस दुनिया का


टूटे हुए दिलो की जरुरत बहुत हैंवरना महफ़िल में रंग जमायेगा कौनजब टूटेगा ही नहीं दिल किसी कातो मयखाने में पीने आएगा कौन.


खुदा के दरबार मे तुम्हारी सलामती की फरियाद करते हैं,आप का तो पता नही मगर हम तो आपको एक पल मे सौ सौ बार याद करते हैं.


मुझे भी शामिल करो गुनहगारों की महफ़िल में , मैं भी क़ातिल हूँ अपनी हसरतों का , मैंने भी अपनी ख्वाहिशों को मारा है।


तमाम उम्र ज़िंदगी से दूर रहे;तेरी ख़ुशी के लिए तुझसे दूर रहे;अब इस से बढ़कर वफ़ा की सज़ा क्याहोगी;कि तेरे होकर भी तुझसे दूर रहे।


चलेगा मुक़दमा आसमान में सब आशिकों पर एक दिन;जिसे देखो अपने महबूब को चाँद जो बताता है!


Sab Kuch Hai Hamare Paas
Bash Dard-e-dil Ki Dawaa Nhi Hai..
Dur Hain Woh Mujhse Fir Bhi
Main Unse Khafa Nhin.
Shau Gum Sahe Hain
Fir Bhi Pyar Karti Hun Unko,
Kyun Ki Hum Thodi Ziddi Hain.
Magar Bewafa Nhi..!!


मेरा साथ छोड़कर, दौलत वाले का हाथ थामा था तूने
अब मैं रोज इतनी दौलत कमाता हूँ, कि हर दिन तुझे दौलत से तौल दूँ…


हमें तो प्यार के दो लफ़्हज़ भी ना नसीब हुए..
और बदनाम ऐसे हुए जैसे इश्क़ के बादशाह थे हम....


उसे उड़ने का शौक था..
और हमें उसके प्यार की कैद पसंद थी..
वो शौक पूरा करने उड़ गयी जो..
आखिरी सांस तक साथ देने को रजामंद थी|


खिड़की खुली जुल्फ़ें बिखरी,
दिल ने कहा दिलदार निकला,
पर हाय रे मेरी फूटी किस्मत,
नहाया हुआ सरदार निकला.


Humein aapki yaad na aaye to hum bewafa,
Aap humein bulaein aur hum na aaye to hum bewafa,
Humein zeher dene ki kya zarurat hai,
Aap chehra modh le aur hum na marein to hum bewafa.


जब तक न लगे बेवफ़ाई की ठोकर दोस्त;
हर किसी को अपनी पसंद पर नाज़ होता है।


तुम इठलाते हो अपनी बेवफाई पर
मुझे नाज है अपने प्यार करने के अंदाज पर…………
तुमने सबकुछ पाकर खुद को खो दिया
हमने सबकुछ खोकर पा लिया खुद को


कदम कदम पर बहारो ने साथ छोडा,
जरुरत पडने पर यारो ने साथ छोडा,
बादा किया सितारोँ ने साथ निभाने का,
सुबह होने सितारो ने साथ छोडा.


आग दिल मे लगी जब वो खफा हुए,
महसूस हुआ तब, जब वो जुदा हुए,
कर के वफ़ा कुछ दे ना सके वो ,
पर बहुत कुछ दे गये जब वो बेवफा हुए..


प्यार ने इस कदर तोड़ दिया है हमें….
कि जो लड़का, हर किसी के मुस्कुराहट की वजह बनता था
अब वो दिल खोलकर ….. रो तक नहीं पाता है…


मिल ही जाएगा कोई ना कोई टूट के चाहने वाला,
अब शहर का शहर तो बेवफा हो नहीं सकता।.


Badi koshish ke baad unhe bhula diya ,
Unki yaadon ko dil se mita diya ,,
Ek din fir unka paigam aaya likha tha mujhe bhool jao ,
Aur mujhe bhula hua har lamha yaad dila diya .


यूँ हर किसी के लिए अपना दिल बिछाया नहीं करते राहों में
क्योंकि हर कोई सच्चा प्यार पाने के काबिल नहीं होता

किसी को प्यार करो तो इतना करों की उसे जब भी प्यार मिलें…
तो तुम याद आओ…


जिंदगी तो तुमने ले हीं ली हमारी,
तू बोले तो… मौत भी अपनी तेरे नाम कर दूँ
तेरी बेवफाई के बदले, तुझे.. अपने प्यार का एक और ईनाम दूँ…


मोहब्बत का कोई एहसास अब सच्चा नही लगता.
में उसको भूल जाऊंगा मुझे ऐसा नही लगता.
मुझे उससे मोहब्बत तो नही है फिर भी जाने क्यों.
उसे देखू किसी के साथ तो अच्छा नही लगता.


रोती हुई आँखो मे इंतेज़ार होता है,
ना चाहते हुए भीप्यार होता है,
क्यू देखते है हम वो सपने,
जिनके टूटने पर भी उनके
सच होने का इंतेज़ार होता है


मैँ लिखता हुं सिर्फ दिल बहलाने के लिए।
वर्ना जिस पर प्यार का असर नही हुआ उस
पर
अल्फाजो का क्या असर होगा।
Bewafa Status in hindi

Oh Bewafa Mera Dil Todkar Mujhe Chhodkar,
Jahan Bhi Tum Jaoge Tumhe Na Khushi Milegi.
Tere Bhi Honth Tarsenge Muskurane Ke Liye,
Tu Zinda Rahega Magar Tujhe Zindagi Nahi Milegi.


सुन ऐ..
मोहब्बत अब तो छोड दे मुझे
कुछ नही बचा मेरे पास बदनसिबी के बिना..!


Wafa Ki Talash Karte Rahe Hum,
Bewafai Meen Akele Marte Rahe Hum,
Nahi Mila Dil Se Chahne Wala,
Khud Hi Bewajah Darte Rahe Hum,
Lutaane Ko Hum Sab Kuchh Luta Dete,
Mohabbat Mein Unn Par MitTe Rahe Hum,
Khud Dukhi Hokar Khush Unko Rakha,
Tanhaion Mein Saansein Bharte Rahe Hum,
Woh Bewafai Hum Se Karte Hi Rahe,
Dil Se Unn Par Marte Rahe Hum.


हुआ जब इश्क़ का एहसास उन्हें;
आकर वो पास हमारे सारा दिन रोते रहे;
हम भी निकले खुदगर्ज़ इतने यारो कि;
ओढ़ कर कफ़न, आँखें बंद करके सोते रहे।


दर्द से हम अब खेलना सीख गए;
बेवफाई के साथ अब हम जीना सीख गए;
क्या बतायें किस कदर दिल टूटा है हमारा;
मौत से पहले हम कफ़न ओढ़ कर सोना सीख गए।


तुम क्या सोचते हो, तुम मुझे ऐसे हीं भूल जाओगे
मैं इस तरह सताऊंगा तुझे, कभी टीवी पर… तो कभी अख़बारों की सुर्ख़ियों में नजर आऊंगा तुझे


Ham Ko Guzarii Hu_Ii Sadiyaan To Na
Pahachaanengii
Aane Vaale Kisii Lamhe Ko Sadaa Dii Jaaye
Phuul Ban Jaatii Hain Dahake Hue Sholon Kii
Laven
Shart Ye Hai Ke Unhen Khuub Havaa Dii Jaaye
Kam Nahiin Nashe Men Jaade Kii Gulaabii Raaten
Aur Agar Terii Javaanii Bhii Milaa Dii Jaaye


नादान इनकी बातो का एतबार ना कर,
भूलकर भी इन जालिमो से प्यार ना कर,
वो क़यामत तलक तेरे पास ना आयेंगे,
इनके आने का नादान तू इन्तजार ना कर!


एक अनुभव तो मुझे भी हो गया
जिन्दगी का हर पल तेरे प्यार के नाम हो गया।।।!


Dil mera har lamha jise paane ki dua karta hai,
Misl-e- Khushbu meri saanson main basa karta hai,
Us ke lehjay se gulaabon ki mehek aati hai,
Baat karta hai to waqt ruka karta hai,
sochta hoon ke ik baar bewafaai karon uss se…
Main bhi to dekhoon ke woh kesi wafa karta ha


तुम्हारा जिस्म कोई छीन ले मुझसे,
मगर मेरा दिल तुम्हारा है
तुम अपना सब कुछ गैरों पे
लुटाओ, ये सितम भी हमें प्यारा है
जहां तेरी जुस्तजू है, तेरी
मंजिल है, तेरी ख्वाहिश है, आरजू है
अपने हर ख्वाब को हमने
उन्हीं आईनों में तो संवारा है...


कहता हूं मैं ये बात भी तेरी भलाई के लिए
न चुन तू टूटी चूड़ियां अपनी कलाई के लिए
इस दिल को ये मंजूर है, तू खुश रहे हर हाल में
मुझसे न तू ये इश्क कर दर्दे-जुदाई के लिए
दुनिया पे मैं एक दाग हूं, तन्हा सा नाशाद हूं
जज़्बात में जीता हूं बस दिल जलाई के लिए
मुफलिस के दामन से तुझे मिलेगा क्या भला
तू मान जा धनवान से अपनी सगाई के लिए ...


Hum ko junun kya sikhalate ho hum the pareshan
tumase ziyada
chak kiye hain hum ne azizon char gareban
tumase ziyada
chak-e-jigar muhataj-e-rafu hai aj to daman sirf
lahu hai
ek mausam tha hum ko raha hai shauq-e-baharan
tumase ziyada
jao tum apni bam ke khatir sari laven shamon ke
katar lo
zakhmon ke mahar-o-mah salamat jashn-e-
chiragan tumase ziyada


Meri Chahat Ki Bahut Lambi Saza Do Mujhko,
Aalam-E-Tanhai Me Jeene Ki Dua Do Mujhko,
Mohabbat Me Bewafai Kya Hai Aaj Pata Chal Gaya,
Shayad Koi Hai Jo Is Dard Ki Dawa De Mujhko.

Bhulaakar Hume Who Khush Reh Paayenge
Saath Me Nahin Toh Mere Jaane Ke Baad
Muskuraayenge
Duva Hai Khuda Se Ke Unhe Kabhi Zakhm Na De
Hum Toh She Gaye, Par Who Toot Jaayenge


Aye bewafa……!
itni baat to batlao mujh ko
woh jis ko aaj kal tum chahtay ho
jis ko apni Dilruba kehtay ho
kya woh bhi mere jaisi hai..
kya surkh rang
tumhain uss par bhi acha lagta hai.
uss k nain bhi kya
may khaanay k jaisay hain.
kya tum us ko bhi
apni jaan aur apna dil kehtay ho.


Tumhari Har Ek Baat Bewafai Ki Kahani Hai
Lekin Teri Har Saans Meri Zindagi Ki Nishani Hai
Tum Aaj Tak Samajh Nahi Sake Mere Pyar Ko
Isliye Mere Aansoon Bhi Tere Liye Pani Hai

Tum Jab Saath The To A6a Lagta Tha...
Aaj Bs Saath He To Wohi Yaade He...
Aaj Pata Chala Saath To Apna Parchhai B Chhdd Deti Thi...
Par Yaaad Dil Me Ek Zhkhm Ki Tarah Saath He Tera....


Din Me Yaad Usko Ek Baar Nahi 100 Baar Karte The
Ye Jante Hue Ki Uski Yaad Hi Aayegi Phir Bhi Intezar Karte The.
Par Jab Us Bekadar Garoori Se Hi Chot Khai Hamne Tab Hosh Aya Ki.
Hum To Kisi Pathar Se Pyar Karte The...


Apne Hathon Se Chiraghon Ko Bujane Lag Jaen
Tum To Kehte Ho K Hum Tikane Lag Jaen
Os Ko Sochein To Rag-E-Jan Se Bhi Nazdeek Hy Wo
Aor Dhondein To Kae Zamane Lag Jaen
Hum Iss Aas Pe Bethay Hyn Shikisht-E-Khayal
Ain Mumkin Hy K Wo Ehd Nabhane Lag Jaen
Mana K Zakhim Judai Ka Buhat Gehra Hay
Aor Aisa Bhi Nahin Hy K Hum Dikhane Lag Jaen


Juda hony ka andesha,
juda hony se pehly tha!
Wo mujh se intihai khush,
khafa hony se pehly tha!
Junoon ka daur guzra tou
mujhe bi bhool betha wo,
Namaz-e-ishq tha lekin,
qaza hony se pehly tha!
Main kese soch sakta tha
mujhy wo chorh jayega,
Bohat hi ba’wafa wo,
bewafa hony se pehly tha!


Kub Shamain Jalata Hai Shab-E-Mah Main Koi,
Tu Ayai Tou Ham Ghar Main Charaghan Nahin
Kartay,
Logon Ko Guman Tuk Nahin Hota Hay Junoon Ka,
Hum Dil Ki Tarah Chaak-E-Garaiban Nahin Kertay,
Hum Tuj Kay Chalay Aatay Hain Yaaro Dar-E-
Janan,
Ghalib Ki Tarah Minnat-E-Darban Nahin Kerta


Ae bewafa, jab se tune kaha,
ki humare beech bas dosti hai...
Us din Saans jaati rahi,
alfaaz tham se gaye,
tu to dil tod k aaram se soti rahi,
ek barish he thi jo mere sath rat bhar roti rahi...


Zakhm-E-Ummiid Bhar Gayaa Kab Kaa
Qais To Apne Ghar Gayaa Kab Kaa
Aap Ik Aur Niind Le Liijiye
Qaafilaa Kuuch Kar Gayaa Kab Kaa
Dukh Ka Lamhaa Azal Abad Lamhaa
Vaqt Ke Paar Utar Gayaa Kab Kaa
Apna Muunh Ab To Mat Dikhaoa Mujhe
Naasiho, Main Sudhar Gayaa Kab Kaa
Nasshaa Hone Kaa Be-Tarah Thaa Kabhi
Par Vo Zaalim Utar Gayaa Kab Kaa
Aap Ab Puuchney Ko Aaye Hain?
Dil Merii Jaan, Mar Gayaa Kab Kaa


Kabhi to khul ke baras abr-e-meharaban ke tarah
mera vajud hai jalate hue makan ke tarah
bhari bahar ka sina hai zakhm zakhm magar
saba ne gaye hain lori shafiq man ke tarah
wo kon tha jo barahana badan chattanon se
lipat gaya tha kabhi bahr-e-bekaran ke tarah
sakut-e-dil to jazira hai barf ka lekin
tera khulus hai suraj ke sayeban ke tarah
main ik khwab sahi aap ke amanat hun
mujhe sambhal ke rakhiyega jism-o-jan ke tarah


bevafaa tere ruuTh jaane se
aaNkh miltii nahiiN zamaane se
aarizaa ho gayaa hai rone kaa
chand ghaRiyoN ke muskuraane se
kitne tuufaaN uTheNge saahil par
ek kashtii ke Duub jaane se
DhuuNd aayaa tujhe zamaane meN
tum kahaaN gum ho ek zamaane se
ab to duniyaa se jaa rahaa huuN maiN
lauT aao isii bahaane se
kis qadar baRh gayii hai lazzat-e-Gham
shiddat-e-Gham meN muskuraane se…


Pyar na hota hai wafa ya bewafa……….
isse pyar karne wale bana dete hain ek aisa tofa…..
jis main kabhi milti hai asuon ki baris……
aur kabhi milti hai muskan ki formaish.


Kabhi Raste Mein Mil Jaao, To Katrake Guzar Jana,
Humein Iss Tarah Takna, Jaise Pehchana Nahin Tumne,
Humara Zikra Jab Aaye, To Yunh Anjaan Ban Jana,
Jaise Naam Sunker Bhi Humein Pehchana Nahin Tumne.


Zinda hain jis ki AAS pe wo b rula gaya
Bandhan wafa k toor k sare chala gaya
Khud hi to ki thi usne Mobabat ki IBTIDA
Hathoo me hath de k khud hi churra gaya
Kar di jis k liye hamne Tabah zindagi
Ulta wo Bewafai ki Tuhmat laga gaya.


Ab Jo Ruthe To Manana Nahi Jaker
Seh Lenge Dukh Use Sunana Nahi Jaker
Lout Aayega Jarur Agar Wo Mera Hua
Aaj Se Tey Hua Khud Bulana Nahi Jaker
Use Chaha Hai Use Chahte Rhenge
Uske Dil Mein Kya Hai Aajmana Nahi Jaker
Mile To Barsa Denge Hum Pyar Us Pe
Nahi To Haal-E-Dil Bhi Btana Nahi Jaker


Wo Mujhay Chahta Nahi Aarzu-e-wafa Kaisay Karon?
Wo Kisi Aur Ki MUHABBAT Hai
Do Dilon Ko Juda Kaisay Karon?
Ishq Tou Naam Hai Qurbani Ka Ishq May Main Dagha Kaisay karon?
Us Ko Pana Zindagi Hai Meri.
Pr Zindagi Ko Khafa Kaisay Karon?
Sakht Uljhan May hn “WASI”,
Bata Haq-e-Ulfat Ada Kaisay karon?


Dostii Jab Kisii Se Kii Jaae
Dushmano Kii Bhii Raae Lii Jaae
Maut Kaa Zahar Hai Fizaaon Men
Ab Kahaan Jaa Ke Saans Lii Jaae
Bas Isii Soch Men Huun Duubaa Huaa
Ye Nadii Kaise Paar Kii Jaae
Mere Maazii Ke Zakhm Bharane Lage
Aaj Phir Koii Bhuul Kii Jaae
Botalen Khol Ke To Pii Barason
Aaj Dil Khol Ke Bhii Pii Jaae


Tum Kya Jaano Judai Ka Gum,
Humse Pucho Jiska Chuta Hai Beech Raste Mein Hum Dum,
Tumne Toh Keh Diya Tera Dil Tuta Hai,
Humse Pucho Hamara Saath Kiss Se Chuta Hai,
Tum Kya Jano Woh Kya Thay Hamare,
Unke Liye Thay Hum Apna Sab Kuch Haare,
Tum Kya Jaano Ab Hum Par Kya Beet Ti Hai,
Jab Bhi Unki Yaad Aati Hai Kambakht Ye Aankh Bheegti Hai.


Main Roshni Hoon Kaf E Dast Se Rukoon Gi Kahan
Tamaam Umer Tere Taaq Per Jaloon Gi Kahan
Bulaa Raha Hai Mujhe Kehkashan Ka Derwaaza
Wo Aa Bhi Jaaye Tou Ab Main Usey Miloon Gi
Kahan
Main Apne Bichhrey Hue Pairr Ki Talash Main
Hoon
Ziada Dair Teri Shaakh Per Khiloon Gi Kahan
Ye Chund Saanson Ka Bhi Aasraa Usi Se Hai
K Jab Rahe Ga Nahin Wo Tou Main Rahoon Gi
Kahan


Har Yaad Ko Youn Zakham Banatay Nahin Dil Ka,
Har Teer Ko Paivest Rug-E-Jaan Nahin Kertay,
Yeh Masla Ab Ahal-E-Mohabbat Ka Hai Apna,
Mertay Hain To Kuch Aap Pay Ahsaan Nahin
Kertay,
Khat Layain Na Layain Tera Hum Naama Bron Ko,
Bus Daikhtay Rehtay Hain Paraishan Nahin Kartay,
Aisay Bhi Tou Rakhtay Nahin Khanjar Pay Gulo Ko,
Itna Bhi To Qatil Ko Pashaiman Nahin Kartay,


Kuchh Aise Zakhm Bhi Ham Dil Pe Khaaye Baithe
Hain
Jo Chaarasaazon Kii Zid Se Chhupaaye Baithe Hain
Na Jaane Kaun Saa Aansoo Kisii Se Kyaa Kah De
Ham Is Khayaal Se Nazrein Jhukaaye Baithe Hain
Na Khauf-E-Baad-E-Mukhaalif, Na Intezaar-E-
Sahar
Ham Apne Ghar Ke Diye Khud Bujhaaye Baithe
Hain
Hamaaraa Zauq Khudaa, Vaqt Kaa Mizaaj Jadaa
Ham Ek Goshe Mein Khud Ko Chhupaaye Baithe
Hain


वो बेवफा हमारा इम्तेहा क्या लेगी…
मिलेगी नज़रो से नज़रे तो अपनी नज़रे ज़ुका लेगी…
उसे मेरी कबर पर दीया मत जलाने देना…
वो नादान है यारो… अपना हाथ जला लेगी.


जिस किसीको भी चाहो वोह बेवफा हो जाता है,
सर अगर झुकाओ तो सनम खुदा हो जाता है,
जब तक काम आते रहो हमसफ़र कहलाते रहो,
काम निकल जाने पर हमसफ़र कोई दूसरा हो जाता है…


Rothna khafa rehna,
Ye Wafa nhi hoti,
Chahaton mein logon se kya khata nhi hoti?
Sb ko aik jaisa kyun tum samjhny lagte ho,
Kyun k saari duniya tu bewafa nhi hoti,
Hr kisi se Dosti hr kisi se waady,
Pyar karne walon mein ye adaa nhi hoti,
Be-Naqaab Chehre b ek Hijaab rakhte hain,
Sirf saat Pardon mein tu haya nhi hoti,
Sb kuch kho diya uskay pyar mein hum ne,
Kya ye b Chahat ki
INTEHA nahi hoti…


Zakham E Tanhaayi Main Khushboo E Hina Kis Ki Thi
Saaya Deewar Par Mera Tha, Sada Kis Ki Thi
Us Ki Raftaar Se Lipti Rahi Aankhain Meri
Us Ne Murr Kar Bhi Na Dekha Ke Wafa Kis Ki Thi
Aansoun Se Hi Bhar Gaya Daaman Mera
Hath Tou Maine Uthaya Tha Dua Kis Ki Thi
Meri Aahon Ki Zubaan Koi Samjhta Kaise
Zindagi Itni Dukhi Mere Siwa Kis Ki Thi
Aag Se Dosti Us Ki Thi Jala Ghar Mera
De Gaye Kis Ko Saza Aur Khata Kis Ki Thi.


Isse Pehle Ke Bewafa Ho Jayein,
Kyon Na Aye Dost Hum Juda Ho Jayein,
Tu Bhi Heere Se Ban Gaya Patthar,
Hum Bhi Kal Kya Se Kya Ho Jayein,
Hum Bhi Majbooriyon Ka Uzr Karein,
Aur Kahin Aur Mubtala Ho Jayein,
Ishq Bhi Khel Hai Naseebon Ka,
Khaak Ho Jayein Keemiya Ho Jayein,
Ab Ke Gar Tu Mile To Hum Tujhse,
Aise Liptein Tera Qaba Ho Jayein,
Bandagi Humne Chhod Di Hai Sanam,
Kya Karein Jab Log Khuda Ho Jayein…


ओ बेवफा।.....
अच्छा हुआ कि मुझसे अनजान बने रहे,
अच्छा हुआ कि तुम नादान बने रहे,
अच्छा हुआ कि तुम बेखबर बने रहे,
अच्छा हुआ कि तुम मेरी जिंदगी से दूर रहे.
ओ बेवफा तेरा शुक्रिया|


Tujhy bhula k jiyu’n, aisi bad-dua bhi na de
Khuda mujhy ye tahammul, ye hosla bhi na de
Meray bayan-e-safaai k darmian mat bol
Sunay baghair mujhy, apna faisla bhi na de
Ye umer meine tery naam be-talab likh di
Bhalay se daman-e-dil mein kahin jaga bhi na de
Ye din bhi aaingy, aisa kabhi socha na tha
Wo mujh ko dekh bhi lay aur muskura bhi na de
Ye ranjish’ain to muhabbat k phool hain ‘Sajid’
Ta’aluqaat ko is baat per ganwa bhi na de. . !


हम सिमटते गए उनमें और वो हमें भुलाते गए,
हम मरते गए उनकी बेरुखी से, और वो हमें आजमाते गए,
सोचा की मेरी बेपनाह मोहब्बत देखकर सीख लेंगी वफाएँ करना,
पर हम रोते गए और वो हमें खुशी खुशी रुलाते गए..


तन्हाई में चले गए जब तू नहीं मिला
आईने से गले लगे जब तू नहीं मिला
ताने मिले हैं दुनिया के तेरे ही इश्क में
हम क्या जवाब देंगे जब तू नहीं मिला
रह लेंगे दीवारों से खामोशी बाँटकर
कुछ कहने को बचा नहीं जब तू नहीं मिला
शामें तो काट लूँगी मैं उदास इस तरह
रातों को मैं रो लूँगी जब तू नहीं मिला.


तू नजीरे-हुस्न है,
 मैं मिसाले-इश्क हूं
तू खुदा की नूर है,
मैं बुझा चराग़ हूं
है अभी मुझे यकीं, इस
जनम में वस्ल हो
ये यकीं अस्ल हो, मैं अभी
दुआ में हूं
सोलह दरिया पार की तब
तेरा शहर मिला
तूने सुनी थी जो सदा, मैं
वही आवाज़ हूं
आग में सुरुर है और दर्द
भी मजबूर है
जल रहा हूं शौक से,
मैं हिज्र का माहताब हूं...


तेरी बेवफाई मे दिल बेकरार ही ना करु,
तू हुकुम दे तो तेरा इन्तेज़ार ही ना करु,
तू बेवफा है तो कुछ इस कद्र बेवफा कर,
के तेरे बाद मे किसी और से प्यार ही ना करु.
तेरी बेवफाई मे दिल बेकरार ही ना करु,
तू हुकुम दे तो तेरा इन्तेज़ार ही ना करु,
तू बेवफा है तो कुछ इस कद्र बेवफा कर,
के तेरे बाद मे किसी और से प्यार ही ना करु.


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